S.N. | Book Name | Author | Price |
| 1 | दक्षिण भारतीय हिन्दी साहित्य का इतिहास | प्रो. पी आदेश्वर राव | 700 |
| 2 | विनोद कुमार शुक्ला का रचना संसार | डॉ. एस एन मुच्छटे | 300 |
| 3 | हिन्दी नाटक विमर्श | डॉ. देवीदास इंगले | 400 |
| 4 | दिनकर का कुरुक्षेत्र और मानवतावाद | डॉ. मोहसिन ख़ान | 250 |
| 5 | हिन्दी उपन्यास : वस्तु एवं शिल्प | डॉ. श्रद्धा उपाध्याय | 750 |
| 6 | महिला उपन्यासकारों की नारी : प्रगति एवं पीड़ा के आयाम | डॉ. हरिशंकर दुबे | 350 |
| 7 | हिन्दी मराठी नुक्कड़ नाटक | डॉ. वर्षा गायकवाड | 400 |
| 8 | हिन्दी के प्राचीन प्रतिनिधि कवि | डॉ. पंडित बन्ने | 550 |
| 9 | आधुनिक हिन्दी साहित्य की प्रवृत्तियाँ | डॉ. भरत पटेल | 300 |
| 10 | जीवन बोलता है | डॉ. शिवादत्त द्विवेदी | 300 |
| 11 | सुमित्रानन्दन पंत के काव्य विकास का अध्ययन | डॉ. रीता मेहरोत्रा | 400 |
| 12 | हिन्दी के आधुनिक प्रतिनिधि कवि | प्रो. राठौर बालू | 450 |
| 13 | भारतीय साहित्य : कुछ परिदृश्य | डॉ. तनुजा मजूमदार | 400 |
| 14 | यशपाल के उपन्यासों का अनुशीलन | डॉ. शकुन्तला प्रताप वाध | 160 |
| 15 | कमलादास की कविताएँ | डॉ. बाबू जोसफ स्टीव विन्सेन्ट | 120 |
| 16 | अभिनव कार्यालय आलेखन और टिप्पण | डॉ. विद्याश्री | 350 |
| 17 | Issues and concerns is post colonial literature | Dr. Waghmare | 350 |
| 18 | समकालीन महिला उपन्यासकारो के उपन्यासों में नारी विमर्श | डॉ. मुक्ता त्यागी | 400 |
| 19 | जनकवि नागार्जुन एवं प्रयोगवादी कवि अज्ञेय | डॉ. वीणा दाढ़े | 350 |
| 20 | समकालीन हिन्दी - कन्नड़ कविता में जनवादी चेतना | डॉ. विद्याश्री | 250 |
| 21 | शशिप्रभा शास्त्री का कथा साहित्य | डॉ. कविता चांदगुडे | 450 |
| 22 | कविता तरंग | प्रो. प्रतिभा मुदलियार | 40 |
| 23 | मुर्दे की पीठ पर | डॉ. इन्दु पाण्डेय | 200 |
| 24 | सहमी हुई सदी | देवेन्द्र सफल | 200 |
| 25 | गधपथ के दीप | डॉ. गौतम सचदेव | 300 |
| 26 | वृहद् हिन्दी सूक्ति कोश ( Part -1 ) | डॉ. शोभना तिवारी | 500 |
| 27 | वृहद् हिन्दी सूक्ति कोश ( Part - 2 ) | डॉ. शोभना तिवारी | 500 |
| 28 | निर्मल वर्मा का कथा साहित्य | डॉ. रघुनाथ शिरगांवकर | 400 |
| 29 | मैत्रेयी पुष्पा और शान्ता गोखले की नारी दृष्टि | डॉ. सुलोचना अंतरेड्डी | 300 |
| 30 | हिन्दी के आधुनिक प्रतिनिधि कवि | डॉ. पंडित बन्ने | 400 |
| 31 | वैराग्यशतकम | डॉ. ओम प्रकाश राजपाली | 200 |
| 32 | हिन्दी कविता : भाषा और शिल्प : विविध प्रतिभान | डॉ. करुणा उमरे | 400 |
| 33 | बिहारी सतसई और रत्नाकर वार्णिकृत मरतेश वैभव: तुलनात्मक अध्ययन | डॉ. एस. एम. मिटठलकोड | 200 |
| 34 | हिन्दी आँचलिकता का अम्मूदम और रेणु के उपन्यास | डॉ. हरिशंकर दुबे | 300 |
| 35 | सप्तक - त्रय में समकालीन जीवन के संवेदनात्मक पक्ष | डॉ. पी. के. जयलक्ष्मी | 250 |
| 36 | सियारामशरण गुप्त के उपन्यास और नारी पात्र | डॉ. रेणु बाली | 200 |
| 37 | साहित्य सोपान | प्रो. प्रतिभा मुदलियार | 450 |
| 38 | नरेश मेहता के काव्यों का सामाजिक चिन्तन | डॉ. टी शुभानन्द | 300 |
| 39 | हरिशंकर परसाई के व्यंग्य-साहित्य में मिथकीय-संरचना का अनुशीलन | डॉ. शरद सुनेरी | 300 |
| 40 | अभिनव वृहद वस्तुनिष्ठ हिन्दी (Part-1) | डॉ. सुभाष चन्द्र | 500 |
| 41 | अभिनव वृहद वस्तुनिष्ठ हिन्दी (Part- 2) | डॉ. सुभाष चन्द्र | 500 |
| 42 | आलोचना -विविधा | डॉ. सी. जे. प्रसन्नकुमारी | 200 |
| 43 | मृदुला गर्ग के साहित्य में चित्रित समाज | डॉ. किरण बाला जाजू | 400 |
| 44 | कुष्ठा एवं साहित्य - सर्जना | डॉ. मनमोहन शुक्ल | 600 |
| 45 | कथा रंजनी | डॉ. शंकर तेरदाल , डॉ. अम्बिका | 45 |
| 46 | सप्तगाथा | डॉ. शंकर तेरदाल , डॉ. अम्बिका | 45 |
| 47 | आधुनिक हिन्दी साहित्य : मनन और मूल्यांकन | डॉ. सूर्यनारायण वर्मा | 350 |
| 48 | समकालीन हिन्दी साहित्य : संवेदना और विमर्श | डॉ. वेद प्रकाश अमिताभ | 350 |
| 49 | वृहद हिंदी अंग्रेजी कोश | डॉ. बदरीनाथ कपूर | 600 |
| 50 | लोकार्पण की भूमिका, काव्य नाटक और दलित विमर्श | उदभ्रान्त | 60 |
| 51 | सन्तो का संसार | डॉ. बलदेव वंशी | 400 |
| 52 | सृजन स्मृति के हस्ताक्षर | डॉ. बलदेव वंशी | 350 |
| 53 | लोकनायक युगे - युगे ( नाटक ) | डॉ. बलदेव वंशी | 70 |
| 54 | स्त्री केन्द्रित 65 कहानियां | डॉ. बलदेव वंशी | 895 |
| 55 | विष्णु प्रभाकर : चुनी हुई कहानियां | सं.डॉ. बलदेव वंशी | 200 |
| 56 | रामदरश : चुनी हुई कहानियां | सं.डॉ. बलदेव वंशी | 200 |
| 57 | बल्लभ डोभाल : चुनी हुई कहानियां | सं.डॉ. बलदेव वंशी | 200 |
| 58 | महीप सिंह : चुनी हुई कहानियां | सं.डॉ. बलदेव वंशी | 200 |
| 59 | रमेश बक्षी : चुनी हुई कहानियां | सं.डॉ. बलदेव वंशी | 200 |
| 60 | युग संत कवि रामतीर्थ | डॉ. मीनाक्षी मोहन | 250 |
| 61 | समर्थ गुरु स्वामी रामदास | केशव प्रथमवीर | 200 |
| 62 | भारतीय संत परम्परा और नारायण गुरु | श्री नीलकंठन नंपुतिरि | 200 |
| 63 | ज्ञानी संत कवि अखा जी | वसंत कुमार परिहार | 300 |
| 64 | संत जनाबाई | पदमजा घोरपड़े | 120 |
| 65 | राग संवेदन : दृष्टि और सृष्टि | डॉ. महेन्द्र भटनागर | 250 |
| 66 | बस्तियों से बाहर | डॉ. जयप्रकाश कर्दम | 120 |
| 67 | मेरे संवाद ( साक्षात्कार ) | डॉ. जयप्रकाश कर्दम | 300 |
| 68 | देवदारू सी लम्बी - गहरी सागर सी ( उदभ्रान्त की लम्बी कवितायेँ | उदभ्रान्त | 500 |
| 69 | वक्रतुण्ड ( खण्डकाव्य ) | उदभ्रान्त | 200 |
| 70 | वक्रतुण्ड : मिथक की समकालीनता | डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय | 65 |
| 71 | लवंगी ( ऐतिहासिक उपन्यास ) | डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र | 300 |
| 72 | कांशीराम के दो चेहरे | कँवल भारती | 225 |
| 73 | मायावती और दलित आन्दोलन | कँवल भारती | 250 |
| 74 | नागार्जुन का कथा साहित्य | डॉ. मीरा चन्द्रा | 300 |
| 75 | Learning Hindi Through English | डॉ. विद्याश्री | 300 |
| 76 | लोक कहाँ बिगड़ी ( हिन्दी स्त्री काव्य संकलन | सं. प्रो. परिमला अंबेकर | 60 |
| 77 | आधुनिकता बोध और ऊषा प्रियंवदा | डॉ. संदीप रणभिरकर | 550 |
| 78 | उपन्यास का आदमी ( कहानी संग्रह ) | डॉ. इन्दु पाण्डेय | 200 |
| 79 | कबीरदास और शिशुनाल शरीफ का तुलनात्मक अध्ययन | डॉ. शाकिरा खानम | 320 |
| 80 | सप्तक - त्रय में आधुनिकता | डॉ. पी. के. जयलक्ष्मी | 600 |
| 81 | भक्ति आन्दोलन और मध्यकालीन हिन्दी भक्तिकाव्य | डॉ. सुरेश चन्द्र शुक्ल | 300 |
| 82 | भूमंडलीकरण और हिन्दी कविता | डॉ. बाबू जोसफ | 500 |
| 83 | तुलनात्मक साहित्य : विश्व संस्कृति और भाषाएँ | अनु. डॉ. के. सीतालक्ष्मी | 500 |
| 84 | वनौषधियों का अर्थशास्त्र | डॉ. आशीष खिमेशरा | 400 |
| 85 | सूफी संत बाबा फरीद की कहानियां | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 86 | संत गाडगे बाबा की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 87 | संत दयानंद सरस्वती की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 88 | संत कबीरदस की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 89 | संत दरिया साहब (बिहार वाले) की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 90 | संत गरु तेग बहादुर की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 91 | संत दादू दयाल की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 92 | संत मीराबाई की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 93 | संत मलूकदास की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 94 | गोस्वामी तुलसीदास जी की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 95 | श्री गुरु अंगद देव की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 96 | श्री गुरु गोविन्द सिंह जी की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 97 | संत कबि रज्जब की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 98 | श्री गुरुनानक देव जी की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 99 | भक्त कबि सूरदास की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 100 | कृष्ण भक्त रसखान की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 101 | संत कवि अब्दुर रहीम की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 102 | सूफी संत मलिक मुहम्मद जायसी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 103 | संत रविदास की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 104 | संत अमीर खुसरो की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 105 | संत महात्मा फुले की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 106 | संत बाबा लाल जी की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 107 | सूफी संत साईं बुल्ले साहब की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 108 | भगवान महावीर की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 109 | संत कवि नामदेव की कहानी | डॉ. बलदेव वंशी | 50 |
| 110 | रेणु का कथेत्तर साहित्य : समाज और संस्कृति | डॉ. ऋषि कुमार | 400 |
| 111 | उद्भ्रांत का काव्य : मिथक के अनछुए पहलू | डॉ. शिव पूजनलाल | 500 |
| 112 | श्री रामदरश मिश्र की कहानियों में युग बोध | डॉ.अमी दवे | 895 |
| 113 | शोध पद्धति | डॉ. राम गोपाल सिंह | 700 |
S.N. | Book Name | Author | Price |
| 114 | इस्लामिक प्रभाव में मध्ययुगीन कृष्ण भक्त संप्रदायों की भूमिका | डॉ. रवि अग्रवाल | 400 |
| 115 | भाषा और साहित्य के विविध आयाम | डॉ. रमा नवले | 275 |
| 116 | नागार्जुन के काव्य में जीवन दर्शन | डॉ. श्रीमती पूनम बोरसे | 695 |
| 117 | मुस्लिम समाज जीवन और अब्दुल बिस्मिल्लाह | डॉ. बाबा साहेब रसूलशेख | 350 |
| 118 | मार्कण्डेय का कथा साहित्य और ग्रामीण सरोकार | डॉ. जिभाऊ सामरव मोरे | 450 |
| 119 | आज का हिन्दी साहित्य | डॉ. यशवंत कर | 350 |
| 120 | कहानीकार कमलेश्वर : सन्दर्भ और प्रकृति | डॉ. सूर्यनारायण रणशुभे | 300 |
| 121 | हिन्दी साहित्यकारों के सामाजिक सरोकार | डॉ. सुमन सिंह | 375 |
| 122 | चिन्तन के आयाम | डॉ. रमाकान्त आपरे | 160 |
| 123 | समकालीन हिन्दी कविता मे दलित चेतना | डॉ. सुमन सिंह | 250 |
| 124 | मुक्तिबोध के साहित्य में सामाजिक बोध | डॉ. सुमन सिंह | 225 |
| 125 | युगदृष्टा राष्ट्रसंघ तुकडोजी का राष्ट्रीय जीवन - निर्माण में योगदान | डॉ. दिनकर थेवलेकर | 550 |
| 126 | भारतीय साहित्य में पर्यावरण संरक्षण | डॉ. सुमन सिंह | 270 |
| 127 | मार्क्सवाद और प्रगतिवादी काव्य | डॉ. यशवंत कर | 450 |
| 128 | दिनेश नन्दिनी डालमिया के सामाजिक एवं सांस्कृतिक उपन्यास | ज़हिरुद्दीन रेफ़ियोदीन पठाण | 350 |
| 129 | डॉ. लक्ष्मी नारायण लाल के नाटकों नारी पात्र | डॉ. सैय्यद शौकत अली | 225 |
| 130 | कहानीकार अज्ञेय संदर्भ और प्रकृति | डॉ. सूर्यनारायण | 250 |
| 131 | साठोत्तरी हिंदी नाटकों में बिम्ब विधान | डॉ. देवेन्द्र शुक्ल | 400 |
| 132 | ग़रीबीली ग़रीबी के कथाकार ( काशीनाथ सिंह ) | डॉ. योगेश देसाई | 475 |
| 133 | दिशाम अन्त | डॉ. इन्द्र बहादुर सिंह | 200 |
| 134 | दखनी हिंदी और सकलमत सम्प्रदाय को काव्या साधना | डॉ. मंगल कप्पीकेरे | 130 |
| 135 | महिला उपन्यासकारों के उपन्यासों में पुरुष - चरित्र | डॉ. हेमलता सुखदेव | 395 |
| 136 | अभंग गाथा ( कथ्य एवं शिल्प ) | बाबा साहेब गव्हाणे | 250 |
| 137 | महिला उपन्यासकारों की रचनाओं में चेतना के प्रवाह | माधुरी सोनटक्के | 375 |
| 138 | 21वी शताब्दी के क्षेष्ठ निबन्ध | डॉ. बापूराव देसाई | 380 |
| 139 | हिन्दी भाषा और साहित्य ( वस्तुनिष्ठ अध्धयन ) | डॉ. सैय्यद शौकत अली | 750 |
| 140 | धूमिल के काव्य में व्यक्त संघर्ष | डॉ. राठौड़ अनिल कुमार | 500 |
| 141 | द्विवेदी युगीन खड़ी बोली आन्दोलन | प्रो. कदम्ब भगवान | 250 |
| 142 | सुमित्रा नन्दन पंत का काव्य शिल्प | प्रकाश भगवान राव शिन्दे | 200 |
| 143 | दूर देश की गंध | सतीश मेहता | 250 |
| 144 | दक्खिनी हिन्दी साहित्यकार मुल्ला वजही | डॉ. हाशमबेग मिर्ज़ा | 350 |
| 145 | हिन्दी संघर्ष और आयाम | डॉ. जयश्री शुक्ला | 525 |
| 146 | झाडे रहो कलक्टरगंज | अमरीक सिंह दीप | 350 |
| 147 | देश विभाजन के परिप्रेक्ष्य में आधा गाँव | शिव शेटटे | 150 |
| 148 | भूमि पुत्र | तेजपाल चौधरी | 300 |
| 149 | हिन्दी फीचर स्वरूप और विकास | डॉ. सुनील डहाले | 375 |
| 150 | वृहद् हिन्दी निर्देशिका | डॉ. अर्जुन शतपथी | 650 |
| 151 | अश्क के नाटक और मन | रमा दूधमान्डे | 150 |
| 152 | अश्क के नाटक और मन | रमा दूधमान्डे | 150 |
| 153 | महिला सशक्तिकरण ( सिद्धांत और वास्तविकता ) | डॉ. दीपाली सक्सेना | 575 |
| 154 | दलित साहित्य विधा ( शाख और इतिहास ) | डॉ. बापूराव देसाई | 500 |
| 155 | साहित्य और मानवीय संवेदना | डॉ. सदानन भोसले | 375 |
| 156 | हिन्दी दलित साहित्य आन्दोलन | डॉ. सरोज पगारे | 375 |
| 157 | सूचना का अधिकार और महिला सशक्तिकरण | जया पाण्डेय | 495 |
| 158 | अमृतलाल नागर के उपन्यासों का अनुशीलन | डॉ. रमेश संभाजी | 750 |
| 159 | निराला और मुक्तिबोध की प्रगतिशील कविता | डॉ. हणमंतराव पाटील | 240 |
| 160 | नयी कविता और प्रबन्ध रचनाएँ | डॉ. चित्रा शांताराम धामणे | 480 |
| 161 | कमलेश्वर के उपन्यासों में नारी | डॉ. भगवान गव्हाडे | 450 |
| 162 | कमलेश्वर के उपन्यासों में नारी | डॉ. भगवान गव्हाडे | 450 |
| 163 | बाजे पायलिया के घुंघरू – समीक्षात्मक अध्धयन | डॉ. बिक्कड़ | 160 |
| 164 | राजेन्द्र यादव के उपन्यासों में नारी | डॉ. नितीन सुरेशवान माने | 695 |
| 165 | समकालीन हिन्दी साहित्य : विविध विमर्श | डॉ. हेमन्त सोनाले, डॉ. भगवान गव्हाणे | 375 |
| 166 | महाराष्ट्र के हिन्दी सन्त कवियो पर ज्ञानेश्वर का प्रभाव | डॉ. गुरुदत्त जी राजपूत | 600 |
| 167 | सुधियो की सुगंध | प्रो. मालती दुबे | 150 |
| 168 | साहित्य का समवेत अनुशीलन | डॉ. शशि पंजाबी | 500 |
| 169 | भारतीय साहित्य | डॉ. शशि पंजाबी | 500 |
| 170 | समकालीन हिन्दी साहित्य : नव आकलन | डॉ. जसवंत भाई पड्या | 275 |
| 171 | रघुवीर सहाय की कविता : चितन एवं शिल्प | डॉ. ऊषा मिश्रा | 425 |
| 172 | अमृतलाल नगर के उपन्यासों का समाजशास्त्रीय अध्धयन | डॉ. अशोक मिश्र | 530 |
| 173 | दलित विमर्श | डॉ. धीरज भाई वणकर | 325 |
| 174 | आ अब लौट चले : चितन और प्रतिक्रिया ( आत्मकथा ) | डॉ. शिवशंकर पाण्डेय | 250 |
| 175 | प्रमुख हिन्दी नाटको मे दलित चेतना - भाग-1 | डॉ. परेश कुमार बाबुभाई | 500 |
| 176 | प्रमुख हिन्दी नाटको मे दलित चेतना - भाग-2 | डॉ. परेश कुमार बाबुभाई | 400 |
| 177 | नवगीत : एक अनवरत धारा | डॉ. पार्वती जे. गोसाई | 950 |
| 178 | “दौड़” मे भूमण्डलीकरण की सार्थकता का यथार्थ चित्रण | डॉ. विद्या रशिशेखर शिंदे | 150 |
| 179 | इक्कीसवी सदी की कहानियों का अनुशीलन | अश्विनी रमेश काकडे | 350 |
| 180 | हिन्दी मराठी महिला नाट्य लेखन मे नारीवाद | डॉ. रघुनाथ गणपति देसाई | 300 |
| 181 | कथाकार नासिरा शर्मा | डॉ. मोहन विटठलराव | 450 |
| 182 | हिन्दी उपन्यास और विमर्श अघतन दृष्टि | डॉ. जयश्री शिंदे | 295 |
| 183 | संजीव : व्यक्तित्व एवं कृतित्व | डॉ. रामचन्द्र मारुती | 595 |
| 184 | हिन्दी भीम काव्य में चिंतन | डॉ. साताप्पा सावंत | 350 |
| 185 | महिला आतमलेखन में नारी | डॉ. रघुनाथ गणपति देसाई | 295 |
| 186 | हिन्दी विज्ञापन : परख और पहचान | डॉ. आर. जयनन्दन | 300 |
| 187 | प्रायोजन मूलक हिन्दी | डॉ. दक्षा निमावत | 200 |
| 188 | मेरा प्रथम प्रेम ( बाल महाकाव्य ) | अजय “अरुणेश” | 200 |
| 189 | नरेन्द्र कोहली के उपन्यासों का अनुशीलन | डॉ. प्रदीप लाड | 775 |
| 190 | हिन्दी साहित्य में रुबाई का विकास | डॉ. अकीला महबूब शेख | 600 |
| 191 | समकालीन भारतीय साहित्य में आधुनिक युग बोध | डॉ. सुशील धर्माणी | 625 |
| 192 | धर्मवीर भारती के कथा साहित्य में मनोवैज्ञानिकता | डॉ. सुधा ए. एस. | 425 |
| 193 | लता की शायरी | प्रकाश रावसाहेब भोसले | 125 |
| 194 | गढवाली लोक - गाथाओं में अभिव्यक्त सामाजिक जीवन – मूल्य | डॉ. चमनलाल शर्मा | 150 |
| 195 | नागार्जुन के काव्य में प्रगतिशीलत और शिल्पगत प्रयोग | डॉ. संगिता आहेर | 410 |
| 196 | नासिरा शर्मा की कहानियों में नारी विमर्श | डॉ. सोनल नंदनूर वाले | 400 |
| 197 | राष्ट्रीय चेतना के सन्दर्भ में भारत के राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त एवं मंरिशय के राष्ट्रकवि डॉ. ब्रजेन्द्र भगत " मधुकर " के काव्य का तुलनात्मक अ | डॉ. ज्योति ना . मंत्री | 620 |
| 198 | मृदुला गर्ग के उपन्यास में सामाजिक और चेतना | डॉ. मुकुंद गायकवाद | 130 |
| 199 | डॉ. विवेकीरायका गध साहित्य : आंचलिकता, परम्परा और आधुनिकता के सन्दर्भ में | डॉ. अंजना मुवेल | 500 |
| 200 | नागार्जुन के उपन्यासों का तात्विक मूल्यांकन | डॉ. यादव सी. मेंदे | 470 |
| 201 | कहावतों की संस्कृति : तुलनात्मक अध्ययन | डॉ. अनीता गांगुली | 300 |
| 202 | हिन्दी के प्रयोगशील उपन्यास | डॉ. चितिज यादवराव | 260 |
| 203 | उपन्यास का मनोविश्लेषण | डॉ. धनराज मानधाने | 1100 |
| 204 | अन्तराष्ट्रिय कथा साहित्या | डॉ. धनराज मानधाने | 600 |
| 205 | सुरेन्द्र वर्मा के नाटको में स्त्री विमर्श | डॉ. बी. हेमलता | 350 |
| 206 | महाराष्ट्र की हिन्दी सन्त-काव्य परम्परा और सन्त तुकडोजी का काव्य | डॉ. प्रवीण देशमुख | 480 |
| 207 | आलोचना का बदलता परिप्रेक्ष्य | डॉ. माधव सोनटक्के | 200 |
| 208 | भारतेंद्रु के नाटकों में व्यंग्य | डॉ. विश्वनाथ भालेराव | 250 |
| 209 | प्रेमचंद के उपन्यासों में चित्रित नारी के विविध रूप | डॉ. अपर्णा पाटील | 400 |
| 210 | मधुकांकरिया का रचना संसार | डॉ. उषा कीर्ति राणावत | 450 |
| 211 | अज्ञेय साहित्य और चिन्तन | प्रो. नामदेव जासूद | 600 |
| 212 | कृष्णा अग्निहोत्री के उपन्यासों में नारी | डॉ. बाला जी भुरे | 375 |
| 213 | आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की आलोचना दृष्टि एक मूल्यांकन | डॉ. शेख हसीना बानो | 450 |
| 214 | ख़त्म नही होती कभी कविता | डॉ. विजय महादेव गाड़े | 500 |
| 215 | सुलभ काव्यशास्त्र भारतीय एवं पाश्चात्य | डॉ. सुरेश तायडे | 395 |
| 216 | भवानी प्रसाद मिश्र के काव्य मे व्यंग्य | डॉ. गिरीश महाजन | 300 |
| 217 | कहानी महीप सिंह संवेदना और शिल्प | डॉ. अजित चव्हाण | 750 |
| 218 | नाटककार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना | डॉ. शेखर घुंगरवार | 595 |
| 219 | समकालीन हिन्दी कविता और कवि | डॉ. बी. एफ. शेख | 275 |
| 220 | उपन्यासकार से. रा. यात्री संवेदना और शिल्प | डॉ. सुनील पानपाटिल | 600 |
| 221 | हिन्दी अनुसंधान वैज्ञानिक पद्दतियां | डॉ. कैलाश नाथ मिश्र | 450 |
| 222 | मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार इलाचन्द्र जोशी एवं अज्ञेय | डॉ. सुशील जी. धर्माणी | 450 |
| 223 | सुदर्शन मजीठिया के साहित्या में व्यंग्य | डॉ. भगवान सिंह | 225 |
| 224 | इककीसवी सदी की कविता : सम्वेदना के नये स्वर | डॉ. शैलजा भारद्वाज | 595 |
| 225 | मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार जैनेन्द्र | डॉ. सुशील जी. धर्माणी | 450 |
| 226 | प्रेमचन्द्र की पच्चीस श्रेष्ठ कहानियां | डॉ. विजय एस. | 400 |
| 227 | कविता की पड़ताल | डॉ. शिव प्रसाद शुक्ल | 650 |
| 228 | अनुसंधान सर्जन एवं प्रक्रिया | डॉ. अर्जुन तडवी | 275 |
| 229 | हिंदी साहित्य : यू. जी. सी. नेट / स्लेट | डॉ. एस. पी. शुक्ल | 795 |
| 230 | प्रेमचन्द्र की भ्रष्टाचार परक कहानियाँ | सं. डॉ. माया प्रकाश पाण्डेय | 400 |
| 231 | मन्नू भण्डारी का कथा - साहित्य : संवेदना और शिल्प | डॉ. भूमिका पटेल | 400 |
| 232 | मन्नू भण्डारी के उपन्यासों में नारी चेतना | डॉ. फाल्गुनी एन. पटेल | 200 |
| 233 | प्रसाद का चन्द्रगुप्त : एक अनुशीलन | शैलजा भारद्दाज | 175 |
| 234 | हिन्दी कथा साहित्य के नए आयाम | डॉ. मनीषा ठक्कर | 275 |
| 235 | प्राणियों में समायोजन और नामशेष हुये प्राणी | डॉ. किशोर पवार | 400 |
| 236 | डॉ. शिव मंगल सिंह " सुमन " के काव्य में सामाजिक चेतना | डॉ. रज़िया शेख | 595 |
| 237 | कितने पाकिस्तान : साम्प्रदायिक विमर्श | प्रताप सिंह राजपूत | 195 |
| 238 | हिन्दी उपन्यासों का मूल्यपरक विवेचन | डॉ. सविता चोखोबा | 400 |
| 239 | गिरिराज किशोर का कथा - साहित्य | डॉ. आरती वर्मा | 450 |
| 240 | उखड़े हुए लोग : संवेदना और शिल्प | डॉ. मोहन सावंत | 325 |
| 241 | कहानीकार मोहन राकेश | डॉ. ईश्वर प्रसाद बिदादा | 225 |
| 242 | निराला की कहानियों का समग्र अध्ययन | कैलाश माने | 225 |
| 243 | सूरदास का वात्सल्य भाव | डॉ. शाहीन जमादार | 295 |
| 244 | अबोली ( मराठी कहानी ) | डॉ. शोभा एम्. पवार | 225 |
| 245 | मोहनदास नैमिशराय के उपन्यासों में विद्रोह | विधाते विकास | 350 |
| 246 | ग़ज़ल का काव्यशास्त्र | डॉ. महेश गुप्ता | 225 |
| 247 | चरितात्मक उपन्यास और रांगेय राघव | डॉ. बाबूलाल मारू | 500 |
| 248 | मध्यकालीन हिन्दी गुजराती रामकाव्यों का तुलनात्मक अध्ययन | डॉ. निरंजन जे. कटारिया | 540 |
| 249 | पराजित कालरात्रि | डॉ. उषा शर्मा | 150 |
| 250 | वैश्वीकरण और हिन्दी मानकीकरण | डॉ. हणमंत राव पाटील | 250 |
| 251 | धर्मवीर भारती का रचना संसार | डॉ. सुरेश कुमार | 850 |
| 252 | हिन्दी की ग्रामीण कहानियों में समाज | डॉ. कृष्णा पाटील | 550 |
| 253 | निरुपमा सेवती के कथा साहित्य में नारी | डॉ. शिवाजी देवरे | 250 |
| 254 | चंद्रकांता का कथा साहित्य | डॉ. जगदीश चव्हाण | 850 |
| 255 | कथाकार मंजुल भगत | डॉ. आनंद खरात | 450 |
| 256 | हिन्दी उपन्यासों में दलित चेतना | डॉ. रामचन्द्र माली | 350 |
| 257 | चन्द्रसेन विराट की प्रतिनिधि हिन्दी ग़ज़लें | डॉ. मधु खराते | 200 |
| 258 | समकालीन कहानीकार उदय प्रकाश | डॉ. देवकी नंदन महाजन | 600 |
| 259 | राही मासूम रजा का साहित्य संवेदना और शिल्प | डॉ. पूनम त्रिवेदी | 600 |
| 260 | धूमिल की रचना प्रक्रिया और भाषा | डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय | 400 |
| 261 | 21वीं शती का वैश्विक हिन्दी साहित्य | डॉ. ललिता राठोड | 650 |
| 262 | कहानीकार मालती जोशी | डॉ. विजय घुगे | 500 |
| 263 | साठोत्तरी हिन्दी नाटक | डॉ. सविता चौधरी | 400 |
| 264 | उत्तरशती के उपन्यासकारों के उपन्यासों में नारी | डॉ. जयश्री गावित | 250 |
| 265 | उपन्यासकार राज़ी सेठ | प्रो. प्रमोद चौधरी | 225 |
| 266 | निर्मल वर्मा के कथा साहित्य में जीवन मूल्य | डॉ. प्रमोद पाटील | 725 |
| 267 | चित्रा मुदगल का कथा साहित्य | डॉ. कल्पना पाटील | 650 |
| 268 | कहानीकार अमरकान्त | डॉ. सुभाष जाधव | 500 |
| 269 | कुँवर बेचैन की ग़ज़लो का चिंतन पक्ष | डॉ. रघुनाथ कश्यप | 600 |
| 270 | हरिऔध के काव्य में राष्ट्रीयता और सामाजिकता | डॉ. मंजू तरडेजा | 600 |
| 271 | नरेन्द्र मोहन का काव्य | डॉ. महेश गांगुर्डे | 450 |
| 272 | मिट्टी का प्याला | डॉ. ओम प्रकाश नायर | 200 |
| 273 | कोलाहल कश्मीर में | गोबिंद खुशालाणी | 600 |
| 274 | कहानीकार रामदरश मिश्र | डॉ. अमृत खाडपे | 600 |
| 275 | उपन्यासकार कृष्णा सोबती एवं नारी अस्मिता | डॉ. एन. जयश्री | 200 |
| 276 | प्रभा खेतान के उपन्यासों में नारी | डॉ. अशोक मराठे | 400 |
| 277 | प्रथम दशक के महिला लेखन में स्त्री विमर्श | डॉ. मृदुला वर्मा | 450 |
| 278 | कमलेश्वर का औपन्यासिक संसार | डॉ. भाऊसाहेब नले | 500 |
| 279 | छायावादी काव्य में राष्ट्रीयता | डॉ. अशफ़ाक सिकलगर | 300 |
| 280 | राजभाषा ( हिन्दी का प्रयुक्तिपरक विश्लेषण ) | डॉ. सुषमा कोंडे | 550 |
| 281 | हिन्दी गध मीमांसा | डॉ. देवीदास इंगले | 300 |
| 282 | स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी के आँचलिक उपन्यासों में चित्रित दलित जीवन | डॉ. शम्भूनाथ रामचरण द्विवेदी | 1195 |
| 283 | कुसुम अंसल के हिन्दी साहित्य में चित्रित नारी जीवन के विविध आयाम | डॉ. आर. पी. भोसले | 400 |
| 284 | श्रृंगार शिरोमणि का रस भाव विवेचन | डॉ. प्रदीप कुमार मिश्रा | 500 |
| 285 | अक्षर अन्न्य की काव्य भाषा | डॉ. सबीहा ताबीर | 350 |
| 286 | शिवानी के उपन्यास और कुर्मचलीय लोक संस्कृति | डॉ. अलका मिश्र | 300 |
| 287 | रामचन्द्रिका में वक्रोक्ति सिद्धान्त का अनुशीलन | डॉ. ममता गंगवार | 500 |
| 288 | प्रसाद नाट्य साहित्य में हास्य व्यंग्य | डॉ. संगीता अग्रवाल | 200 |
| 289 | महाप्राण निराला : पुनर्मूल्यांकन | डॉ. प्रदीप कुमार मिश्र | 400 |
| 290 | नई कहानी: अस्तित्व एवं स्वरूप | डॉ. संगीता अग्रवाल | 200 |
| 291 | पांचाल गौरव , अभिव्यंजना श्री राजाराम मिश्र "कमलेश" व्यक्तित्व एवं कृतित्व | डॉ. प्रदीप कुमार मिश्र | 200 |
| 292 | संस्कार गीत और लोक जीवन | डॉ. सीता किशोर | 200 |
| 293 | राजभाषा हिन्दी का प्रयुक्तिपरक विश्लेषण | डॉ. सुषमा कोंडे | 550 |
| 294 | अघटित | डॉ. सविता सिंह | 150 |
| 295 | वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय भाषा तथा साहित्य का अध्ययन अध्यापन | डॉ. माधव सोनटक्के | 300 |
| 296 | ब्लैक होल (काव्य नाटक) | उदभ्रांत | 350 |
| 297 | आलोचना का वाचिक (वाचिक आलोचना) | उदभ्रांत | 695 |
| 298 | अस्ति | उदभ्रांत | 750 |
| 299 | अभिनव पांडव | उदभ्रांत | 300 |
| 300 | सृजन की भूमि | उदभ्रांत | 757 |
| 301 | लघु पत्रकारिता आन्दोलन | उदभ्रांत | 547 |
| 302 | शादी का महाराग ( उदभ्रांत की कविताओं का संचयन ) | रेवती रमण | 297 |
| 303 | कहानी का सातवां दशक | उदभ्रांत | 127 |
| 304 | हंसों बतर्ज रघुवीर सहाय | उदभ्रांत | 297 |
| 305 | उदभ्रांत की गजलों का यथार्थवादी दर्शन | ऐ. सिन्हा | 127 |
| 306 | मार्क्स प्रेमचन्द्र, प्रसाद, मुक्तिबोध | डॉ. सुरेश गौतम | 1295 |
| 307 | अज्ञेय स्मृतियों के झरोखे से | नीलम ऋषिकल्प | 795 |
| 308 | हिन्दी उपन्यास सांस्कृतिक परिदृश्य | ज्योति वत्स | 1195 |
| 309 | जनसंचारिकी सिद्धान्त और अनुप्रयोग | डॉ. राम लखन मीना | 1295 |
| 310 | हिन्दी भाषा एवं साहित्य | संतराम “संघर्षी” | 895 |
| 311 | निबन्धकार जयशंकर प्रसाद | डॉ. सुरेश गौतम | 395 |
| 312 | प्रसाद साहित्य की बीजभूमि | डॉ. सुरेश गौतम | 495 |
| 313 | जयशंकर प्रसाद नाटक एवं रंगमंच | डॉ. सुरेश गौतम | 395 |
| 314 | कबीर वाणी का भाषावैज्ञानिक अध्धयन | डॉ. वेदवरत्न शर्मा | 395 |
| 315 | एश्ती कॉर्नेल जीवन संस्मरण | इन्दु मजालदन | 495 |
| 316 | बुनियादी शिक्षा: समस्याएँ और संभावनाएं | डॉ. अभिषेक कुमार | 695 |
| 317 | मुक्त दूर विद्या (अवधारणा, उपादेयत एवं विकास ) | प्रो. एस. शेशारत्नम | 595 |
| 318 | मेरी बारात | हरी सिमरन कौर | 195 |
| 319 | संयुक्त राष्ट्र संघ | एम. के. सिंह | 395 |
| 320 | प्रकृति पर्यावरण और हम | राजेश्वरी झा | 200 |
| 321 | कबीर एक जीवंत स्पंदन | डॉ. यामिनी | 195 |
| 322 | क्षितिज पर वो जो “रेखा” है | प्रशान्त कुमार | 195 |
| 323 | नेताजी का निधन ( एक रहस्य ) | धनसिंह नेहरा | 295 |
| 324 | दो अंतलोक ( जयंति पापाराव की चर्चित कहानियाँ ) | प्रो. एस. शेशारत्नम | 195 |
| 325 | तेलुगु लोक साहित्य की विविध विधाएँ | प्रो. एस. शेशारत्नम | 350 |
| 326 | मनुस्मृति में राज्य और सुशासन | कौशल कुमार मिश्र | 875 |
| 327 | कामन्दकीय मीतिसार में राज्य व्यवस्था एवं सुशासन | कौशल कुमार मिश्र | 995 |
| 328 | एक पथभ्रष्ट की कथा (ब्रम्हाज्ञान की यात्रा) | के. एस. गौड़ | 795 |
| 329 | पंचतंत्र में वयक्ति और राजनीति व्यवस्था | कौशल कुमार मिश्र | 850 |
| 330 | स्वामी दयानन्द सरस्वती के राजनीतिक विचार | डॉ. शांता मल्होत्रा | 295 |
| 331 | भारत की प्रमुख स्मृति | डॉ. विप्लव | 1095 |
| 332 | बसरा की गलियाँ (उपन्यास) | डॉ. अजय शर्मा | 225 |
| 333 | लोकतन्त्र के प्रमुख स्तम्भ | डॉ. विप्लव | 1095 |
| 334 | आत्मविश्वास कैसे बढाए (आलोचना) | स्वेट मार्डेन | 200 |
| 335 | टप्परवास (कहानी संग्रह) | सैली बलजीत | 195 |
| 336 | सफल कैसे बने ( आलोचना ) | स्वेट मार्डेन | 200 |
| 337 | हस्ते-हस्ते जीना सीखो (आलोचना) | स्वेट मार्डेन | 200 |
| 338 | आत्मा विश्वास सफलता की सीढी (आलोचना) | स्वेट मार्डेन | 200 |
| 339 | भारत में महिला मानवधिकार | डॉ. विप्लव | 995 |
| 340 | कॉरपोरेट कथाएँ ( कहानियाँ ) | राजेश जैन | 295 |
| 341 | सुभाष चन्द्र बोस व्यक्तित्व और कृतित्व | डॉ. आराधना | 900 |
| 342 | हिन्दी साहित्य के प्रतिमान | डॉ. संतराम संघर्षी | 450 |
| 343 | प्रशासनिक सिद्धान्त | डॉ. विप्लव | 995 |
| 344 | जहर जिन्दगी का (ग़ज़ल-संग्रह) | गोपाल कृष्ण शर्मा | 150 |
| 345 | भाग्य को बदलो (आलोचना) | स्वेट मार्डेन | 200 |
| 346 | फ्रांसीसी क्रांतिकारी नेपोलियन बोनापार्ट | नेपोलियन बोनापार्ट | 250 |
| 347 | भक्तियोग (आलोचना) | स्वामी विवेकानन्द | 150 |
| 348 | मन के मौसम (गीत-ग़ज़ल संग्रह) | अब्बास ख़ान | 195 |
| 349 | उन्नति कैसे करे ? (आलोचना) | स्वेट मार्डेन | 200 |
| 350 | क्यों नही ? (नाटक) | मृदुला बिहारी | 300 |
| 351 | ब्रजलोक साहित्य नव चिंतन | डॉ. शैफाली चतुर्वेदी | 595 |
| 352 | द कंक्रीट - बुद्धा | राजेश जैन | 295 |
| 353 | कर्मयोग - कथा संग्रह (धार्मिक पुस्तक) | स्वामी विवेकानन्द | 150 |
| 354 | अपने उदेश्य को प्राप्त करो (आलोचना) | स्वेट मार्डेन | 250 |
| 355 | हिन्दी कहानी और मुस्लिम परिवेश | डॉ. इल्यास जेठवा | 1095 |
| 356 | जनसंचार माध्यम में हिन्दी की स्थिति और दिशा | डॉ. कीर्ति कुमार जादव | 795 |
| 357 | समकालीन हिन्दी दलित साहित्य : एक अध्ययन | जीतूभाई बाबूभाई | 1395 |
| 358 | दिनकर के काव्य में प्रगतिशील चेतना | देवज्ञानी सेन | 895 |
| 359 | अनुवाद विज्ञान | डॉ. राम गोपाल सिंह | 700 |
| 360 | साहित्य और पत्रकारिता एक परिक्रमा | डॉ. चन्द्रकान्त मेहता | 600 |
| 361 | कृष्णा सोबती की कहानियो में मनोवैज्ञानिकता | भारत के. बावलिया | 350 |
| 362 | अनुवाद की परम्परा | डॉ. राम गोपाल सिंह | 250 |
| 363 | आधुनिक हिन्दी का शोधपरक व्याकरण | डॉ. राम गोपाल सिंह | 700 |
| 364 | अनुवाद के विविध आयाम | डॉ. राम गोपाल सिंह | 650 |
| 365 | प्रयोजनमूलक हिन्दी | डॉ. रत्नेश कुमार | 200 |
| 366 | महिला उपन्यास लेखन एवं स्त्री विमर्श | डॉ. कीर्ति मिश्रा | 400 |
| 367 | छायावाद की खड़ीबोली और प्रसाद | डॉ. कृपा शंकर पाण्डेय | 300 |
| 368 | कर्मभूमि उपन्यास में देश और समाज | डॉ. एल. पी. लमाणी | 160 |
| 369 | हिन्दी के मुस्लिम कथाकार : शानी | डॉ. एम. फ़िरोज़ख़ान | 500 |
| 370 | नज़ीर अकबराबादी के काव्य का परिचयात्मक विमर्श | डॉ. शमशाद अली | 150 |
| 371 | हिन्दी नाटको में युवा मानसिकता | डॉ. एल. पी. लमाणी | 295 |
| 372 | मुस्लिम विमर्श : साहित्य के आइने में | डॉ. एम. फ़िरोज़ख़ान | 295 |
| 373 | भारतीय स्वतन्त्रता का इतिहास | शिवानी गुप्ता | 900 |
| 374 | भारत के राष्ट्रपति | गीता शर्मा | 825 |
| 375 | भारत में जातीय व्यवस्था | शिवानी गुप्ता | 925 |
| 376 | भारतीय राजनीति की दिशा एवं दशा (स्वतन्त्रता के पूर्व) | पवन कुमार | 850 |
| 377 | भारतीय राजनीति की दिशा एवं दशा (स्वतन्त्रता के पश्चात्) | पवन कुमार | 850 |
| 378 | पंचायती राज और ग्रामीण विकास | सुरेन्द्र त्यागी | 950 |
| 379 | भारत का सविधान - दो भागो में | डॉ. महेन्द्र कुमार मिश्र | 2590 |
| 380 | आधुनिक भारत में सामाजिक परिवर्तन | सुरेन्द्र त्यागी | 925 |
| 381 | भारत में प्रशासनिक संस्थाएं | पवन कुमार | 875 |
| 382 | भारत ( पं. जवाहर लाल नेहरू से मनमोहन सिंह तक ) | गीता शर्मा | 850 |
| 383 | भाषा विज्ञान एवं हिन्दी भाषा | बी. डी. शर्मा | 600 |
| 384 | मीडिया लेखन कला | निशांत सिंह | 650 |
| 385 | भारतीय पत्रकारिता के आधार | भारत भूषण | 495 |
| 386 | महिला राजनीतिक और आरक्षण | डॉ. निशांत सिंह | 450 |
| 387 | शोध प्रविधि | वंदना वोहरा | 600 |
| 388 | स्वतन्त्रता संग्राम और पत्रकारिता | नरेन्द्र कुमार शर्मा | 550 |
| 389 | पत्रकारिता और संपादन | मीनाक्षी सिंह | 650 |
| 390 | पत्रकारिता में संपादन का महत्व | ज्ञानेश प्रकाश अवस्थी | 550 |
| 391 | बीसवी सदी के महानायक बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर | डॉ. वीरेन्द्र सिंह | 995 |
| 392 | उत्तर आधुनिकता की पृष्ठभूमि : कुछ विचार कुछ प्रश्न | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 795 |
| 393 | भारतेंदु हरिश्चन्द्र का रचना संसार : एक पुनर्मुल्याकन | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 600 |
| 394 | समाचारो की दुनिया | भगवान दास | 500 |
| 395 | हिन्दी पत्रकारिता का इतिहास | मीनाक्षी सिंह | 650 |
| 396 | हिन्दी पत्रकारिता का बदलता स्वरूप | श्रवण कुमार | 550 |
| 397 | भारत में दलित विकास | मीनाक्षी सिंह | 650 |
| 398 | पत्रकारिता कल, आज और कल | संतोष कुमार | 595 |
| 399 | जनसम्पर्क प्रबन्ध | मीनाक्षी सिंह | 450 |
| 400 | भारतेंदु हरिशचन्द्र के साहित्य में भावबोध : स्थापनाएं और प्रस्थापनाएँ | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 600 |
| 401 | आर्थिक पत्रकारिता : दशा और दिशा | प्रो. मधुसूदन त्रिपाठी | 495 |
| 402 | जनसंचार एवं पत्रकारिता | कुमारी शिप्रा | 550 |
| 403 | उत्तर आधुनिकता विचार और मूल्यांकन | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 650 |
| 404 | हिन्दी पत्रकारिता : इतिहास एवं विकास | आर. के. गुप्ता | 550 |
| 405 | विज्ञापन प्रबन्धन | डॉ. निशान्त सिंह | 400 |
| 406 | पत्रकारिता और समाज | संतोष कुमार | 650 |
| 407 | भारत में प्रेस क़ानून | प्रो. मधुसूदन त्रिपाठी | 650 |
| 408 | मेरी आत्मकथा: सत्य के प्रयोग | मोहनदास करमचन्द्र गाँधी | 695 |
| 409 | मोहनदास करमचन्द्र गाँधी | प्रो. मधुसूदन त्रिपाठी | 300 |
| 410 | महिला सशक्तिकरण का सच | मीनाक्षी निशान्त सिंह | 400 |
| 411 | भारत में मानवाधिकार | प्रो. मधुसूदन त्रिपाठी | 450 |
| 412 | नई सहस्त्राब्दी का दलित आन्दोलन मिथक एवं यथार्थ | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 995 |
| 413 | नई सहस्त्राब्दी में मानवाधिकार के विविध सन्दर्भ | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 795 |
| 414 | सत्तामूलक समाज एवं सामाजिक परिवर्तन के युगपुरुष : डॉ. भीमराव अम्बेडकर | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 995 |
| 415 | भारत में पंचायती राज | अंजलि वर्मा | 600 |
| 416 | भारत के आदिवासी | प्रो. मधुसूदन त्रिपाठी | 450 |
| 417 | इक्कीसवी सदी में मुसलमान चिन्तन एवं सरोकार (2 भागो में ) | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 1500 प्रति सेट |
| 418 | नई सहस्त्राब्दी का महिला सशक्तिकरण अवधारण ,चिन्तन एवं सरोकार ( 3 भागो में ) | डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव | 2100 प्रति सेट |
| 419 | स्वामी अछुतानन्द जी “हरिहर” और हिन्दी नवजागरण | कँवल भारती | 595 |
| 420 | निराला के आलोचनात्मक निबन्ध | मीना बुद्धिराजा | 225 |
| 421 | स्वामी अछुतानन्द जी “हरिहर” संचयिता | कँवल भारती | 450 |
| 422 | डॉ. रामविलास शर्मा का काव्य - संसार एक विवेचन | निर्मल सिंहल | 200 |
| 423 | स्पेनी स्वर्णयुगीन काल के साहित्य का इतिहास | इउनासिओ आरेल्यानो | 395 |
| 424 | कबीर और समकालीन इतिहास | ओम पी. गुप्ता ( ओमराज ) | 395 |
| 425 | प्रेमचन्द्र और दलित विमर्श | कांति मोहन | 595 |
| 426 | बालमुकुन्द गुप्त कृत उर्दू – हिन्दी समाचार पत्रो का इतिहास | ब्रज किशोर | 295 |
| 427 | मेरा जीवन ( आत्मकथा ) | सुधा सिंह, रास सुन्दरी दासी | 195 |
| 428 | अम्बेडकरवादी स्त्री चिन्तन ( सामाजिक शोषण के खिलाफ आत्मवृत्तामक संघर्ष ) | तेज सिंह | 550 |
| 429 | समकालीन भारतीय दलित महिला लेखन | रजनी तिलक, रजनी अनुरागी | 600 |
| 430 | मीडिया लेखन : सिद्धान्त और प्रयोग | मुकेश मानस | 595 |
| 431 | हिन्दी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास | नन्ददुलारे बाजपेयी | 250 |
| 432 | भारतीय काव्यशास्त्र और आचार्य कवि " ग्वाल " | रवीन्द्रनाथ जौहरी | 450 |
| 433 | आजीवक परम्परा और कबीर अर्थात दलित धर्म की खोज | कवळ भारती | 295 |
| 434 | नागार्जुन और प्रगतिशील साहित्य | प्रो. डॉ. माधव सोनटक्के, डॉ. भारती गोरे | 700 |
| 435 | निराला साहित्य में दलित चेतना | ब्रज किशोर वशिष्ट | 295 |
| 436 | हिन्दी साहित्य की दिशा तथा अन्य निबन्ध | डॉ. छेदी साह | 695 |
| 437 | प्रेमचन्द्र का सम्पूर्ण बाल -साहित्य | राजीव रंजन गिरि | 795 |
| 438 | सुभद्रा कुमारी चौहान की चुनिंदा कहानियाँ | रूपा गुप्ता | 395 |
| 439 | उपन्यास की महान परम्परा ( आलोचना ) | खगेन्द्र ठाकुर | 500 |
| 440 | दलित कविता का संघर्ष | कवळ भारती | 595 |
| 441 | स्त्री उत्पीडन : कामुकता , हिंसाचार और मीडिया | प्रियंका शाह | 295 |
| 442 | आदिवासी अस्मिता की पड़ताल करते साक्षात्कार | रमणिका गुप्ता | 295 |
| 443 | दलित धर्म की अवधारणा और बौद्धधर्म | कवळ भारती | 250 |
| 444 | अपना देश - परदेश ( आलोचना ) | विश्वनाथ त्रिपाठी | 225 |
| 445 | इस्पात परिष्करण (आलोचना ) | सुरेश तिवारी | 395 |
| 446 | आलोचना प्रतिवाद की संस्कृति | मुधुरेश | 450 |
| 447 | कबीर : एक विश्लेषण ( खण्ड काव्य ) कबीर का ज्ञानोदय | कवळ भारती | 200 |
| 448 | ए तेरी ईजी डेथ (आत्मकथात्मक उपन्यास ) | सिमोनन्द - बोड़वार, गरिमा श्रीवास्तव | 150 |
| 449 | बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय के निबन्ध एक संकलन | रूपा गुप्ता | 495 |
| 450 | हिन्दी पत्रकारिता और समाचार पत्रो की दुनिया | रत्नाकर पाण्डेय | 795 |
| 451 | आलोचना यात्रा (हिन्दी आलोचना ) | चंचल चौहान | 450 |
| 452 | हद से अनहद गये ( प्रभाष जोशी : स्मृति संचयन ) | रेखा अवस्थी, मुरली मनोहर, प्रसाद सिंह, स्मित पराग | 350 |
| 453 | बाल्मीकि - वाणी ( आलोचना साहित्य ) | कवळ भारती | 195 |
| 454 | अपने-अपने कुरुक्षेत्र ( कहानी संग्रह ) | वीरेन्द्र कुमार | 150 |
| 455 | हिन्दी कविता की तीसरी धारा | मुकेश मानस | 695 |
| 456 | दलित पत्रकारिता और विमर्श | कवळ भारती | 995 |
| 457 | दलित मुक्ति के प्रश्न वाया मुक्ति - पथ | बीरपाल सिंह यादव | 495 |
| 458 | आलोच्य का सामास ( साहित्य और समाज अनुभव की टिप्पणियाँ ) | शिवशंकर मिश्र | 295 |
| 459 | हिन्दी दलित ( एकांकी संचयन ) | सर्वेश कुमार मिश्र | 450 |
| 460 | त्रेता-विमर्श और दलित चिन्तन | कवल भारती | 350 |
| 461 | आदीवासी भाषा और शिक्षा | रमणिका गुप्ता | 250 |
| 462 | यादो के पन्ने ( स्मृति चिंतन ) | केदारनाथ पाण्डेय | 300 |
| 463 | चन्द्रिका प्रसाद जिज्ञासु ( रचना - संचयन ) | कवल भारती | 495 |
| 464 | छाया पुरुष | कमल नयन कपूर | 125 |
| 465 | संवदि सरकार एवं भारतीय प्रशासन | डॉ. उमेश कुमार | 495 |
| 466 | कुमाइनी लोक साहित्य | डॉ. पुष्पलता | 895 |
| 467 | इलेक्ट्रानिक्स मीडिया और हिन्दी | डॉ. रेशमा नदाफ | 300 |
| 468 | अंतराष्ट्रिय संचार विमर्श | डॉ. जितेन्द्र वत्स | 495 |
| 469 | स्वतन्त्रता आन्दोलन पूर्वी उ. प्र. और महात्मा गाँधी | डॉ. आलोक कुमार | 500 |
| 470 | रचना और आलोचना का वर्तमान परिदृश्य | आलोक गुप्त | 500 |
| 471 | पहचान की यात्रा | महेन्द्र सिंह बेदी | 150 |
| 472 | शेख ब्रम्हा | डॉ. मंजीत सिंह | 200 |
| 473 | और कितने वैलेनटाइन डे | डॉ. बापूराव देसाई | 250 |
| 474 | संस्कृति और सौन्दर्य | रामसजन पाण्डेय | 550 |
| 475 | यशपाल के उपन्यासों में मध्य वर्ग | नरेश कुमार | 895 |
| 476 | प्रतिरोध का दस्तावेज | नीरू | 400 |
| 477 | महादेवी की सूक्तियाँ | विमल शंकर | 500 |
| 478 | गर्म लोहा | हरमेन्द्र सिंह बेदी | 500 |
| 479 | प्रसाद की काव्य प्रतिभा | डॉ. विमल शंकर | 750 |
| 480 | वैश्वीकरण के दौर में हिन्दी | डॉ. सुखदेव सिंह मन्हास | 495 |
| 481 | बोधिसत्व से बुद्ध तक जातक कथाएँ | जयप्रकाश विलक्षण | 395 |
| 482 | द्विवेदी युगीन काव्य - शब्दावली की भाषा वैज्ञानिक विश्लेषण | डॉ. अर्चना आर्य | 450 |
| 483 | भक्तिकलीन हिन्दी काव्य वैचारिक पृष्ठभूमि | डॉ. नरेश मिश्र | 350 |
| 484 | आधुनिक हिन्दी काव्य संवेदना के शिखर | डॉ. उन्मेष मिश्र | 550 |
| 485 | अंतराष्ट्रिय संचार विमर्श | डॉ. जितेन्द्र वत्स | 495 |
| 486 | परिवार में सौहार्द | क्षमा गोस्वामी | 200 |
| 487 | बीनू गुपाल बैरिनि भाई कुंजै (सूर के उत्कृष्ट पद्) | डॉ. श्रीकांत उपाध्याय | 500 |
| 488 | शब्द शक्ति संबंधी भारतीय और पाश्चात्य अवधारणा तथा हिन्दी काव्यशास्त्र | डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा | 600 |
| 489 | आगम की नाव | कुबेरनाथ राय | 150 |
| 490 | दिल्ली टी हाउस (अर्द्धशती की साहित्यिक हलचल) | डॉ. बलदेव वंशी | 700 |
| 491 | राज़ी सेठ (संवेदना का कथा दर्शन) | रमेश दुबे | 400 |
| 492 | भाषा विज्ञान | राजमल बोरा | 350 |
| 493 | भारत की विदेश नीति (कल,आज और कल) | जगत एस. मेहता | 200 |
| 494 | आलोचना की तीसरी परम्परा | उर्मिला शिरीष | 600 |
| 495 | कलाशास्त्र और मध्यकालीन भाषिकी क्रांतियाँ | रमेश कुंतल मेघ | 100 |
| 496 | आलोचना के हाशिए पर | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी | 250 |
| 497 | महादेवी का गध | सूर्य प्रसाद दीक्षित | 175 |
| 498 | जीवन जीने की कलाएँ | डॉ. मीना कुकरेजा | 300 |
| 499 | बाजारवाद में हिन्दी | प्रभाकर श्रोत्रिया | 175 |
| 500 | मैथिली लोक साहित्य का अध्ययन | डॉ. ताराकान्त मिश्र | 600 |
| 501 | केवल एक लालटेन के सहारे (एक अन्तर्कथा) | राजेन्द्र मिश्र | 550 |
| 502 | बागे अनहद तूर (कबीर के उत्कृष्ट पद एवं साखियों) | डॉ. श्रीकांत उपाध्याय | 500 |
| 503 | नारी (एक सफर) (आलोचना) | दिनेश नन्दिनी डालमिया, सन्तोष मोबल | 325 |
| 504 | विश्वनाथ प्रसाद तिवारी (साहित्य का स्वाधीन विवेक) | ओम निश्चल | 750 |
| 505 | चैत चित्त मन हुया (ललित निबन्ध) | नीरजा माधव | 160 |
| 506 | देखा बिना नाम के तुम्हे (कविता) | प्रेमशंकर रघुवंशी | 175 |
| 507 | नैतिक नियम | डॉ. मीना कुकरेजा | 200 |
| 508 | अछूता वसंत (उपन्यास) | जी. कल्याण राव | 450 |
| 509 | भारतीय सविधान और राजनीति | वेददान सुधीर | 400 |
| 510 | संस्कृत पुरालेखो के चार अध्याय | पार्थसारथि डबराल | 200 |
| 511 | सिलसिले चिटठी के (पत्र) | पार्थसारथि डबराल | 150 |
| 512 | एक बांसुरी, एक बाँस (विवाह संस्कार का लोकमंगल अवधी गीत) | डॉ. विद्या विन्दु सिंह | 350 |
| 513 | प्रोक्ति शैली विज्ञान एवं फंतासी (मुक्तिबोध का संदर्भ) | डॉ. हरदीप कौर | 425 |
| 514 | छायावाद दर्पण (आलोचना) | शुभदा बांजपे | 600 |
| 515 | मंज़िल (कहानी) | मोहन तिवारी | 150 |
| 516 | सौंदर्य मूल्य और मूल्यांकन | रमेश कुंतल मेघ | 150 |
| 517 | हिन्दी पत्रकारिता और स्वतन्त्रता संग्रह | डॉ. कृष्णदेव अरविन्द | 200 |
| 518 | पौराणिक देवियों का वास्तविक सौन्दर्य | शीला वर्मा | 175 |
| 519 | सीता सुरुजवा का ज्योति (अवधि लोक साहित्य में सीताराम कथा) | डॉ. विद्या बिन्दु सिंह | 400 |
| 520 | ग़ज़ल और ग़ज़ल की तकनीकि | रामप्रसाद शर्मा "महर्षी" | 347 |
| 521 | राम की शक्तिपूजा और रुद्रावतार | शीतल सेठ | 107 |
| 522 | हिन्दी ग़ज़ल का सौन्दर्यत्मक विश्लेषण | अनिरुद्र सिन्हा | 137 |
| 523 | ज्ञानी ताहि बखानी | डॉ. रामस्वरूप शर्मा | 247 |
| 524 | अमृतलाल नागर के उपन्यासों का समाजशास्त्रीय अध्ययन | डॉ. अशोक मिश्र | 530 |